

🛑 ब्रेकिंग न्यूज़ | हल्द्वानी में विकास या व्यवस्था का मज़ाक? चार महीने पहले बनी सड़क फिर खुदाई की भेंट चढ़ी, जनता में आक्रोश
हल्द्वानी: शहर की सड़कों की हालत अब लोगों की सहनशक्ति और सरकारी कार्यशैली दोनों की परीक्षा बन चुकी है। अभी चार से पांच महीने पहले ही लाखों रुपये की लागत से बनी नई सड़क पर सीवर लाइन के नाम पर खुदाई शुरू कर दी गई है। जनता सवाल कर रही है कि क्या सरकारी योजनाएं बिना किसी समन्वय के चल रही हैं, या फिर योजनाबद्ध तरीके से जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है?
नगर निगम और जल संस्थान जैसी एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की कमी अब आम नागरिकों पर भारी पड़ रही है। ताजा मामला हल्द्वानी के मुख्य इलाकों में देखने को मिला, जहां चमचमाती नई सड़क को एक बार फिर खुदाई के नाम पर खोद डाला गया। न तो कोई बोर्ड लगा, न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था। सड़क किनारे गड्ढों में गिरने का डर और लगातार उड़ती धूल ने राहगीरों और स्थानीय निवासियों की नाक में दम कर दिया है।
स्थानीय निवासी भुवन चंद्र पांडे कहते हैं, “लगता है हल्द्वानी की सड़कों की उम्र चुनावी वादों से भी कम है।” कई लोगों ने सोशल मीडिया पर फोटो व वीडियो डालते हुए कहा, “यह विकास नहीं, दिखावा है। पहले सड़क बनाओ फिर खुदाओ — यही है हमारी नगर योजनाओं का चक्र।”
विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है और जवाबदेही तय करने की मांग की है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह भ्रष्टाचार का एक नया रूप नहीं है, जहां बार-बार निर्माण और खुदाई के बहाने बजट को खपाया जा रहा है?
अब जनता पूछ रही है – कब तक हम ऐसे विकास के नाम पर गड्ढों की राजनीति झेलेंगे? क्या किसी अधिकारी पर होगी कार्रवाई या फिर ये सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा?
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महासचिव – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
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